महाराष्ट्र में महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा 55 के अनुसार हर रेंट (लीव एंड लाइसेंस) एग्रीमेंट रजिस्टर करना अनिवार्य है। ई-रजिस्ट्रेशन में मालिक, किरायेदार और दो गवाह घर पर ही आधार बायोमेट्रिक देते हैं; स्टाम्प ड्यूटी कुल किराए और हर साल डिपॉज़िट के 10% पर 0.25% होती है, नगर निगम क्षेत्र में रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹1,000 है, और रजिस्टर्ड PDF आम तौर पर 2–4 कार्यदिवसों में मिल जाती है।
लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट क्या है?
महाराष्ट्र में आवासीय और व्यावसायिक किराएदारी लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट के रूप में होती है, लीज़ डीड के रूप में नहीं। मालिक (लाइसेंसर) किरायेदार (लाइसेंसी) को तय अवधि तक जगह इस्तेमाल करने की अनुमति देता है; संपत्ति में कोई अधिकार हस्तांतरित नहीं होता। इसलिए अवधि ख़त्म होने पर जगह वापस पाने का मालिक का अधिकार सुरक्षित रहता है।
महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा 55 रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाती है। एग्रीमेंट रजिस्टर न होने पर मकान-मालिक को तीन महीने तक की क़ैद या ₹5,000 तक का जुर्माना हो सकता है, और विवाद में किरायेदार की बताई शर्तें सही मानी जाती हैं। स्टाम्प पेपर पर नोटरी एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन का विकल्प नहीं है।
2014 से पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने ई-रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी है: एग्रीमेंट ऑनलाइन बनता है, स्टाम्प ड्यूटी ऑनलाइन भरी जाती है, और पक्षकार सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाए बिना आधार बायोमेट्रिक से सत्यापन करते हैं। शिवाय सर्विसेज़ मान्यता प्राप्त ई-रजिस्ट्रेशन सेवा प्रदाता है, इसलिए पूरी प्रक्रिया आपके दरवाज़े पर होती है।
रेंट एग्रीमेंट के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
हर पक्षकार के पास आधार कार्ड और उससे जुड़े चालू फ़िंगरप्रिंट होने चाहिए। स्कैन या साफ़ फ़ोटो काफ़ी हैं — WhatsApp पर भेजें।
मालिक (लाइसेंसर)
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- स्वामित्व का प्रमाण: इंडेक्स-II, हाल की प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या बिजली बिल
- मालिक की ओर से कोई हस्ताक्षर करे तो पावर ऑफ अटॉर्नी
किरायेदार (लाइसेंसी)
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड (या फ़ॉर्म 60)
- कंपनी लीज़ के लिए कंपनी का अधिकार-पत्र
दो गवाह
- हर गवाह का आधार कार्ड
- गवाह दोस्त, रिश्तेदार या हमारे कर्मचारी हो सकते हैं
रेंट एग्रीमेंट की प्रक्रिया कैसे होती है
- बुनियादी जानकारी दें
मालिक और किरायेदार के नाम, संपत्ति का पता, किराया, डिपॉज़िट, शुरुआती तारीख और अवधि WhatsApp या कॉल पर बताएँ।
- ड्राफ्ट और मंज़ूरी
किराया, डिपॉज़िट, लॉक-इन, रखरखाव और नोटिस अवधि जैसी मानक शर्तों के साथ हम एग्रीमेंट बनाकर आपकी मंज़ूरी के लिए भेजते हैं।
- स्टाम्प ड्यूटी और शुल्क
IGR महाराष्ट्र सिस्टम पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क निकालकर चालान बनाते हैं। सरकारी शुल्क वास्तविक राशि पर।
- घर पर बायोमेट्रिक
तय समय पर हमारे प्रतिनिधि बायोमेट्रिक डिवाइस के साथ आते हैं। मालिक, किरायेदार और गवाह आधार फ़िंगरप्रिंट से सत्यापन करते हैं — वे अलग-अलग जगह हो सकते हैं।
- रजिस्टर्ड कॉपी
सब-रजिस्ट्रार की मंज़ूरी के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला रजिस्टर्ड एग्रीमेंट PDF ईमेल और WhatsApp पर मिलता है।
अपना रेंट एग्रीमेंट बिना उलझन के पूरा करें
अपनी जानकारी WhatsApp पर भेजें। भुगतान से पहले ही हम दस्तावेज़ों की सटीक सूची और स्टाम्प ड्यूटी का अनुमान देते हैं।
रेंट एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी और ख़र्च
लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी पूरे महाराष्ट्र में समान है और IGR फ़ॉर्मूले से निकलती है:
स्टाम्प ड्यूटी = 0.25% × (पूरी अवधि का कुल किराया + हर साल लौटाए जाने वाले डिपॉज़िट का 10%), अगले ₹100 तक पूर्णांकित, न्यूनतम ₹100।
| उदाहरण | किराया | डिपॉज़िट | अवधि | स्टाम्प ड्यूटी (लगभग) |
|---|---|---|---|---|
| 1 BHK, हडपसर | ₹15,000 | ₹50,000 | 11 महीने | ₹500 |
| 2 BHK, खराडी | ₹28,000 | ₹1,50,000 | 11 महीने | ₹900 |
| 3 BHK, बाणेर | ₹45,000 | ₹3,00,000 | 24 महीने | ₹2,900 |
स्टाम्प ड्यूटी के अलावा ₹1,000 रजिस्ट्रेशन शुल्क (नगर निगम सीमा के बाहर ₹500), डॉक्यूमेंट हैंडलिंग शुल्क और ड्राफ्ट व घर विज़िट के लिए हमारा सेवा शुल्क लगता है। बुकिंग से पहले कुल राशि हम बताते हैं।
11 महीने ही क्यों? लचीलेपन के लिए ज़्यादातर मालिक 11 महीने चुनते हैं, लेकिन अवधि कोई भी हो, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। 24 या 36 महीने का एग्रीमेंट करने से हर साल प्रक्रिया नहीं दोहरानी पड़ती; स्टाम्प ड्यूटी किराए के अनुपात में बढ़ती है।
हर रेंट एग्रीमेंट में होनी चाहिए ये शर्तें
- किराया, देय तारीख और बढ़ोतरी — जैसे रिन्यूअल पर 5% बढ़ोतरी।
- सिक्योरिटी डिपॉज़िट — राशि, भुगतान का तरीका और जगह खाली करने के बाद लौटाने की समय-सीमा।
- लॉक-इन अवधि — जिन महीनों में कोई भी बाकी लॉक-इन का किराया दिए बिना एग्रीमेंट ख़त्म नहीं कर सकता।
- नोटिस अवधि — आम तौर पर दोनों तरफ़ से एक महीना।
- रखरखाव और बिल — सोसाइटी मेंटेनेंस, बिजली, पानी, गैस और छोटी मरम्मत कौन करेगा।
- जगह का उपयोग — सिर्फ़ आवास के लिए, रहने वालों की संख्या, पालतू जानवर, सब-लेटिंग नहीं।
- सामान की सूची — दिया गया फ़र्नीचर और उपकरण, ताकि डिपॉज़िट से कटौती पर स्पष्टता रहे।
ये शर्तें हम हमेशा जोड़ते हैं और मालिक-किरायेदार के बीच तय बातों के अनुसार बदलते हैं।
मकान-मालिक और किरायेदार शिवाय सर्विसेज़ क्यों चुनते हैं
- पुणे में संपत्ति दस्तावेज़ों के 20+ वर्षों के अनुभव वाले मान्यता प्राप्त ई-रजिस्ट्रेशन प्रदाता।
- सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं — घर, ऑफिस या सोसाइटी क्लबहाउस में बायोमेट्रिक, पूर्व-निर्धारित समय पर शाम को भी।
- पक्षकार अलग-अलग जगह — मालिक मुंबई या विदेश में? हम अलग विज़िट या पावर ऑफ अटॉर्नी धारक की व्यवस्था करते हैं।
- पारदर्शी दरें — सरकारी शुल्क वास्तविक राशि पर, हमारा शुल्क पहले से बताया हुआ।
- कंपनी लीज़ — कंपनियों, PG संचालकों और प्रॉपर्टी मैनेजरों के लिए एक साथ कई एग्रीमेंट।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड, मुंबई, ठाणे और पालघर में रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट
इन सभी शहरों के ग्राहकों के लिए हम रेंट एग्रीमेंट का काम करते हैं। स्थानीय स्तर पर क्या अलग है:
| शहर | स्थानीय जानकारी |
|---|---|
| पुणे | पूरे पुणे में घर पर बायोमेट्रिक — अक्सर अगले दिन का स्लॉट |
| पिंपरी-चिंचवड | पूरे PCMC और हिंजवडी में घर पर बायोमेट्रिक |
| मुंबई | पूर्व-निर्धारित समय पर घर पर बायोमेट्रिक — एक-दो दिन पहले बुक करें |
| ठाणे | पूर्व-निर्धारित समय पर घर पर बायोमेट्रिक — एक-दो दिन पहले बुक करें |
| पालघर | पूर्व-निर्धारित समय पर घर पर बायोमेट्रिक — कुछ दिन पहले बुक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या महाराष्ट्र में रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर करना अनिवार्य है?
हाँ। महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा 55 के अनुसार हर लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट लिखित और रजिस्टर्ड होना चाहिए, अवधि कोई भी हो। रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी मकान-मालिक की है।
ऑनलाइन रेंट एग्रीमेंट का ख़र्च कितना आता है?
तीन चीज़ें: स्टाम्प ड्यूटी (कुल किराए और हर साल डिपॉज़िट के 10% पर 0.25%), नगर निगम क्षेत्र में ₹1,000 रजिस्ट्रेशन शुल्क, और ड्राफ्ट व घर विज़िट का सेवा शुल्क। 11 महीने के सामान्य 2 BHK एग्रीमेंट के लिए सरकारी शुल्क लगभग ₹2,000–₹2,500 आता है। सटीक राशि के लिए किराया और डिपॉज़िट WhatsApp करें।
क्या मालिक और किरायेदार का एक साथ मौजूद होना ज़रूरी है?
नहीं। हर पक्षकार अपनी जगह पर अलग से बायोमेट्रिक दे सकता है। मालिक, किरायेदार और दो गवाहों का आधार कार्ड और चालू फ़िंगरप्रिंट ज़रूरी हैं।
रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट कितने दिनों में मिलता है?
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद आम तौर पर 2–4 कार्यदिवसों में। सरकारी छुट्टी या IGR सर्वर बंद होने पर एक-दो दिन ज़्यादा लग सकते हैं।
अगर मालिक शहर से बाहर या विदेश में हो तो?
दूसरे शहर में रहने वाला मालिक हमारे सहयोगी प्रतिनिधि के पास बायोमेट्रिक दे सकता है, या रजिस्टर्ड/एडजुडिकेटेड पावर ऑफ अटॉर्नी से परिवार के सदस्य को हस्ताक्षर के लिए नियुक्त कर सकता है।
अगर आधार फ़िंगरप्रिंट मैच न हों तो?
बायोमेट्रिक मिलान UIDAI सर्वर पर होता है। किसी पक्षकार के फ़िंगरप्रिंट मैच न हों (कुछ वरिष्ठ नागरिकों के साथ होता है) तो हम सब-रजिस्ट्रार ऑफिस वाला ऑफ़लाइन तरीका अपनाते हैं। दस्तावेज़ जमा होने के बाद भरा गया सरकारी शुल्क वापस नहीं होता, इसलिए जहाँ संभव हो पहले फ़िंगरप्रिंट जाँचते हैं।
क्या जमा करने के बाद रेंट एग्रीमेंट में बदलाव हो सकता है?
नहीं। सब-रजिस्ट्रार को जमा होने के बाद विवरण बदले नहीं जा सकते; बदलाव के लिए नया एग्रीमेंट करना होता है। इसलिए बायोमेट्रिक से पहले दोनों पक्ष ड्राफ्ट ध्यान से जाँचें।
क्या नोटरी किया हुआ रेंट एग्रीमेंट मान्य है?
नोटरी एग्रीमेंट रजिस्टर्ड एग्रीमेंट नहीं है। यह धारा 55 का पालन नहीं करता, विवाद में उस पर उतना भरोसा नहीं किया जा सकता, और बैंक, पासपोर्ट ऑफिस व कंपनियाँ रजिस्टर्ड कॉपी ही माँगते हैं।






