महाराष्ट्र में पार्टनरशिप फ़र्म का पंजीकरण भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 की धारा 58 के तहत रजिस्ट्रार ऑफ़ फ़र्म्स के पास फ़ॉर्म A दाखिल करके होता है, साथ में स्टाम्प-युक्त पार्टनरशिप डीड, पार्टनरों के पहचान-पत्र और व्यवसाय के पते का प्रमाण। आवेदन महाराष्ट्र सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन होता है; मंज़ूरी के बाद फ़र्म को पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलता है और वह अदालत में अनुबंध लागू करवा सकती है।
पार्टनरशिप फ़र्म पंजीकरण के लाभ
- क़ानूनी हैसियत — पंजीकृत फ़र्म ग्राहकों, सप्लायरों और पार्टनरों पर मुक़दमा कर सकती है; अपंजीकृत फ़र्म नहीं (धारा 69)।
- विश्वसनीयता — बैंकों, बड़े ग्राहकों और सरकारी टेंडरों के लिए।
- आसान रूपांतरण — आगे चलकर LLP या कंपनी में।
- सार्वजनिक रिकॉर्ड — जाने वाले पार्टनर अपनी सेवानिवृत्ति दर्ज करवाकर देनदारी सीमित कर सकते हैं।
फ़र्म पंजीकरण के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
पार्टनर
- हर पार्टनर का आधार और पैन
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- पते का प्रमाण
फ़र्म
- स्टाम्प-युक्त और हस्ताक्षरित पार्टनरशिप डीड
- व्यवसाय के मुख्य स्थान का प्रमाण: रेंट एग्रीमेंट या स्वामित्व दस्तावेज़
- परिसर मालिक की NOC
- फ़र्म PAN (या हम आवेदन करते हैं)
फ़ॉर्म
- सभी पार्टनरों द्वारा हस्ताक्षरित फ़ॉर्म A
- निर्धारित प्रारूप में हलफ़नामा / घोषणा
फ़र्म पंजीकरण की प्रक्रिया कैसे होती है
- नाम जाँच
प्रस्तावित नाम का अन्य फ़र्मों से टकराव जाँचते हैं और सरकारी मंज़ूरी वाले शब्दों से बचते हैं।
- डीड और स्टाम्प
पार्टनरशिप डीड बनाकर सही स्टाम्प लगाते हैं, या आपकी मौजूदा डीड जाँचते हैं।
- PAN आवेदन
फ़र्म के नाम PAN प्राप्त करते हैं।
- फ़ॉर्म A दाखिल
दस्तावेज़ों और शुल्क के साथ रजिस्ट्रार ऑफ़ फ़र्म्स को ऑनलाइन आवेदन।
- प्रमाणपत्र
पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी होने तक आपत्तियों का फ़ॉलो-अप।
अपना फ़र्म पंजीकरण बिना उलझन के पूरा करें
अपनी जानकारी WhatsApp पर भेजें। भुगतान से पहले ही हम दस्तावेज़ों की सटीक सूची और स्टाम्प ड्यूटी का अनुमान देते हैं।
पार्टनरशिप फ़र्म बनाम LLP
| पार्टनरशिप फ़र्म | LLP | |
|---|---|---|
| क़ानून | साझेदारी अधिनियम, 1932 | LLP अधिनियम, 2008 |
| देनदारी | असीमित, संयुक्त | योगदान तक सीमित |
| पंजीकरण | राज्य रजिस्ट्रार ऑफ़ फ़र्म्स (वैकल्पिक) | MCA (अनिवार्य) |
| वार्षिक अनुपालन | कम | MCA में वार्षिक फ़ाइलिंग |
| किसके लिए उपयुक्त | पारिवारिक व्यवसाय, छोटा व्यापार, पेशेवर | सीमित देनदारी चाहने वाले बढ़ते व्यवसाय |
पुणे, पिंपरी-चिंचवड, मुंबई, ठाणे और पालघर में पार्टनरशिप फ़र्म पंजीकरण
इन सभी शहरों के ग्राहकों के लिए हम फ़र्म पंजीकरण का काम करते हैं। स्थानीय स्तर पर क्या अलग है:
| शहर | स्थानीय जानकारी |
|---|---|
| पुणे | ऑनलाइन पूरा — ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं। |
| पिंपरी-चिंचवड | ऑनलाइन पूरा — ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं। |
| मुंबई | ऑनलाइन पूरा — ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं। |
| ठाणे | ऑनलाइन पूरा — ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं। |
| पालघर | ऑनलाइन पूरा — ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
महाराष्ट्र में पार्टनरशिप फ़र्म का पंजीकरण कैसे करें?
पार्टनरशिप डीड बनाकर स्टाम्प लगवाएँ, फ़र्म का PAN लें, फिर पार्टनरों के पहचान-पत्र, पते का प्रमाण और शुल्क के साथ रजिस्ट्रार ऑफ़ फ़र्म्स को ऑनलाइन फ़ॉर्म A दाखिल करें। पूरी प्रक्रिया हम करते हैं।
क्या पार्टनरशिप फ़र्म पंजीकरण अनिवार्य है?
नहीं, लेकिन अपंजीकृत फ़र्म अनुबंध लागू कराने के लिए तीसरे पक्ष या पार्टनरों पर मुक़दमा नहीं कर सकती, और कई बैंक व ग्राहक पंजीकृत फ़र्म को प्राथमिकता देते हैं।
पुणे में पार्टनरशिप फ़र्म पंजीकरण में कितना समय लगता है?
ड्राफ्ट और आवेदन कुछ दिनों में; सरकारी प्रक्रिया में आपत्तियों के अनुसार आम तौर पर दो से चार हफ़्ते।
क्या व्यवसाय शुरू होने के बाद फ़र्म पंजीकृत हो सकती है?
हाँ। फ़र्म कभी भी पंजीकृत हो सकती है, लेकिन अपंजीकृत रहते किए गए अनुबंधों के अधिकार सीमित हो सकते हैं।
क्या आप GST पंजीकरण में भी मदद करते हैं?
हाँ। फ़र्म का PAN और पते का प्रमाण तैयार होने के बाद GST और उद्यम पंजीकरण में मदद करते हैं।






